बड़ा अच्छा लगता है 🥰
(बड़ा अच्छा लगता है) उन बचपन की यादों में फ़िर से खो जाना , ननिहाल की गलियों में लौटकर वापिस आना, बड़ा अच्छा लगता है, जहां आज भी सभी करते हैं इंतजार उन्हीं किस्सों और मस्ती भरे पलों का उन पुरानी दुकानों और मिठाइयों और पकवानों का फ़िर से पुराने दोस्तों और पड़ोसियों के अपनेपन का अचानक से मुझे देखते ही सबके चेहरों पर खुशी का छाना,और हाल चाल को उत्सुकता से जानना हां, बड़ा ही अच्छा लगता है , कितना अलग होता है न बचपन को पीछे छोड़कर, फ़िर से अपने ननिहाल में आगमन, सभी रिश्तेदारों के साथ ,अपने भाई और बहन के साथ, मिलकर घूमने जाना और हर पल को मस्ती में बिताना, चाहे एक लड़की नव विवाहिता हो , लेकिन असली सुकून महसूस होता है, जब साथ उसके परिवार का मिलना होता है, आज जब गुजरती हूँ उन शहर की गलियों और बाजारों और मन्दिरों से , न जाने क्यों उन अनमोल पलों , को आंखों के सामने , फ़िर से जीवंत पाती हूं, सब तो वही है इस शहर में , पर कुछ कमी दिल को महसूस हो जाती है , नानीजी की सुनहरी ओर पुरानी यादें , अचानक मन को उदास सी कर देती है , बन जाती हूं वही गुड़िया आज भी , जो बचपन से यहां आती जाती थी , इस शहर में रखते ही कदम , बस खो सी जाती हूं, इन बातों और किस्सों को फ़िर से यूँही जीना बड़ा अच्छा लगता है | #स्वाति की कलम से ✍️
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