माँ.. 🌸
दिल को संभालने का हुनर लिख रहा हूँ टूटे हुए ख़्वाबों का सफ़र लिख रहा हूँ आपकी यादों में छुप छुप के रोता हूँ इस ख़ामोशी में अपना शहर लिख रहा हूँ आज भी वो लम्हा आँखों से गिरता है जब आखिरी बार आपका हाथ सर में आया था"माँ " उस पल के बाद सब बदल सा गया उस दिन के बाद से मेरा दिल भी अब सिर्फ खामोशियों मे फिरता है अब हर किरदार मे कमी सी रहती है हर मुस्कान अधूरी सी रहती है खुद को जोड़ते जोड़ते ज़िंदगी भर अब खुद को टूटा हुआ महसूस करने लगा अब मेरी हर पहचान आपके नाम से ही रहती है Miss you माँ 😥😥🙏
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