मां
जिंदगी के सफर में जब हार सा जाता हूं , जब कहने के लिए तो बहुत कुछ होता है पर कुछ कह न पाता हूं । तब बिना कुछ कहे बात को समझने वाले की जरूरत होती है , ऐसे समय में क्यों हर जगह मां , तेरी ही चाहत इस दिल को होती है ? जिन्दगी में जब जब निराशा मन में छाती है हारे हुए इस मन को जब खूब यह सताती है , तब श्री कृष्ण बनकर जो गीता सा ज्ञान दे जाती है ऐसी ही देवी इस संसार में , मां कह दी जाती है । इनकी दुआओं में तो स्वयं, ईश्वर का सार है । इनके चरणों में स्वयं संपूर्ण स्वर्ग का द्वार है । इनके स्नेह में स्वयं सकल ममता का मान है , ऐसी सभी माताओं को आज मेरा प्रणाम है । लाखों में जो एक है एक में जो अनेक है हिंदी वर्णमाला में लिखित जो सबसे सुंदर लेख है दो अक्षरों से मिलकर बना शब्द "मां" तू मेरे लिए भगवान का दिया हुआ सबसे महंगा नेक है। - PUSKAR
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