आप जैसे
अक्सर तुम्हे कहते सुना है मेने कि मैं तो अपने मे ही सबकुछ हूं अगर जनाब ऐसा होता कही पर तो याद मे हमारी ना आप उदास होते दिल के अल्फाजों को जमाकर रखा है जुबां तक का रास्ता ना तय कर ले कही मगर बैठ अकेले में जो वक्त बीता देते हो क्या नही है उनमें एहसासों की खुशबू?? इक जरा खोलो खुद को सामने मेरे मन मे ना रहेगा प्यार अकेले सिसकते हुए अब अगर ऐसे ही चलना है तो चले दिलों के रिश्ते अल्फाजों के मोहताज भी नहीं मेरे पास आना कभी दो पल के लिए मेने सीखना है कैसे होते हैं लोग आप जैसे।।
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