पुरानी यादे
ना जाने आज कैसी उदासी जहन में छायी है ये हवा इतनी पुरानी यादें लायी है आंखों से पानी निकल रहा और एक ही चेहरा बस दिख रहा क्या वो भी कभी करती होगी याद मुझे सवाल मेरे मन में क्यों उठ रहा सुनती होगी जब शब्द ' दोस्ती ' मेरे अलावा भी क्या कोई चेहरा उसके जहन में आता होगा अपनी व्यस्त दुनिया में क्या मेरा ख्याल कभी उसे आता होगा मैं कैसी हूं, क्या ये सवाल कभी उसे भी सताता होगा क्या गले लगकर मेरे रोने को उसका दिल चाहता होगा जब भी कोई खुशी मिलती होगी उसे क्या मेरे साथ बांटने का ख्याल कभी उसके दिल में आता होगा
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