शिक्षक
शिक्षक की परिभाषा ••••••••••••••••••••• विद्या, कौशल, कार्य निपुणता जीवन की यह सीख, शिक्षक गढ़ता ऐसे कुंभ को सुदृढ़ हो जिसकी नींव। कलाकार है वह सृजन कर्ता उसमें है नेतृत्व की क्षमता, बीज उगाता, परिश्रम करता वृक्ष का आकार वह देता। अनुशासन का पाठ पढ़ाता नैतिक मूल्य सभी को समझाता, चाह नहीं उसे पुरस्कृत होने की अपने हर विद्यार्थी को योग्य बनाता। हर क्षेत्र का विशेषज्ञ गढ़ता जिज्ञासा को शांत वह करता, मानवीय मूल्य का वह धारक फिर भी सबसे पीछे रहता । सपना परिहार ✍🏻
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
