अच्छा है।
अब वक्त नही मिलता ये बहाना अच्छा है, दिल फ़ुर्शत के पलो मे लगाना अच्छा है। समझ मै भी रहा हु तेरी ये मासूम हरकते, लग गैरो के गले मुझे युं जलाना अच्छा है। सबब तेरी खामोशी का खूब समझते है हम, चुप रहकर रिश्तों को आजमाना अच्छा हैं। दुरिया साफ दिखने लगी है अब दरमियाँ, बातें इस कदर इश्क़ मे छुपाना अच्छा है। कभी वजह ढुंढी जाती थी मुझे हसाने की, आज यूँ बेवजह हमे रुलाना अच्छा हैं। mishra🌷..
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