मै देखूंगा
मै अपना हौसला आज़मा कर देखूंगा, कभी उसकी गली मे जा कर देखूंगा । मै उससे मोहोब्बत क्यू ना कर सका ये कभी उससे मोहोब्बत कर देखूंगा। क्यूँ इतनी हसीन लगती है वो सबको कभी उसे मै नज़रिया बदल कर देखूंगा। मै करने को आबाद उसकी जिंदगी अपनी जिंदगी को बर्बाद कर देखूंगा। कितने राज़ छुपे है उसकी आँखों में ये फ़साना आँखों मे डूब कर देखूंगा। उदासी हि रही जिंदगी मे, अब उसकी हथेली में रंग-ए-हीना ढल कर देखूंगा
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