शिव 🌿🌿
शिव शक्ति है , शिव भक्ति है, शिव ही जीवन की मुक्ति है। शिव कर्म, शिव धर्म ,शिव ही है सबका सत्कर्म शिव प्राण , शिव घ्राण,शिव ही सबका है प्रमाण शिव स्वामी,शिव अनुगामी ,शिव ही तो है अंतर्यामी शिव व्याप्त,शिव पर्याप्त,शिव ही है सर्वत्र व्याप्त शिव भोर,शिव दोपहर,शिव ही तो है रात्रि पहर शिव आशा,शिव अभिलाषा,शिव ही है मन की परिभाषा शिव आदि,शिव अंत,शिव ही सर्वदा अनंत शिव अन्त,शिव अनन्त,शिव ही जीवन का बसंत शिव तन - मन,शिव अन - धन,शिव ही सबका अंतर्मन शिव फूल,शिव फल,शिव ही है कमल दल शिव लखन,शिव राम,शिव ही है वो प्यारा श्याम शिव ज्ञानी,शिव दानी ,शिव ही सबसे अंतर्ज्ञानी ॐ शिव ,ॐ शिव ,शिव,शिव, ॐ, ॐ मांगू मैं बस तेरे सम्मुख बस जा मेरे रोम रोम।।⛳⛳ सची 🙏
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
