विष्णुपद छंद
शीर्षक-- आगे ही बढ़ना। बाधाएँ जो आए रास्ते, ऊपर ही चढ़ना। पीछे मुड़कर मत तुम देखो, आगे ही बढ़ना।। डिगे नहीं विश्वास तुम्हारा, ध्यान सदा रखना। रहे हौसला बुलंद तेरा, नित शुभ फल चखना।। मत हारो यूँ हिम्मत अपनी, नव युग है गढ़ना। पीछे मुड़कर मत तुम देखो, आगे ही बढ़ना।। अगर अलग है करना कुछ तो, पत्थर दिल करना। कहे लोग कुछ तेरे पीछे, नहीं कान धरना।। बढ़ा आत्मबल रखो सदा तुम, संकट में अड़ना। पीछे मुड़कर मत तुम देखो, आगे ही बढ़ना।। सोच रहे अति नेक सदा ही, शुद्ध विचार पले। आगे बढ़ते रहना पथ पर, कभी लक्ष्य न टले।। जंग जीतता वही सदा ही, जाने जो लड़ना। पीछे मुड़कर मत तुम देखो, आगे ही बढ़ना।। नरेन्द्र सिंह 21.06.2025
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