राख कर देंते।
अगर फलक के हवाले इश्क़ की आग कर देते, हम सूरज को इतना जलाते की राख कर देते। जो केह आशिक़ है हमारे गर खुदा बन जाते, मोहब्बत तो मोहाल है, साँसे भी नाप कर देते। तेरी बराबरी चाँद से होगी कल, अगर पता होता, कुदरत से बगावत कर महताब बेदाग कर देते। मेरा हमदम अँधेरो मे इजाजत देता है घुलने की, हम सुबह को इस तरह छुपाते की रात कर देते।
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