रोकेंगे
हृदय भरा है भावों से मन गहन सोच में पड़ा है क्या करूँ मैं इस परिस्थिति में मस्तिष्क विचारों में खोया है। ईश्वर ने मौका दिया है तो संघर्ष बेमिसाल होगा निष्काम कर्म के आगे आत्म संतुष्टि का सागर होगा। माना मजबूर हैं हम अभी पर कल रहस्य सुलझेगा सामुहिक प्रयासों के बल पर बढ़ता आंकड़ा जरूर रुकेगा । हम हर युवा तक पहुंचेंगे उनकी पीड़ा समझेंगे उलझनें सुलझने देंगें अपना प्रयास न छोड़ेंगे।
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