अहीर छंद
♨️♨️♨️♨️♨️♨️♨️♨️♨️♨️ हर पल करो सुकर्म,त्यागो सभी कुकर्म। उत्तम रहे विचार,मन में नहीं विकार। अपना करो सुधार,दिल से रहो उदार। रहना सदा सुजान,संतति बने महान।। चाहे भरो उड़ान ,मन पर रहे कमान। मानो कभी न हार,संकट घिरे हजार। जितना करो कमाल ,पर भ्रम वृथा न पाल। सब को वरेण्य मान,संतति बने महान।। झूठा अहं नकार,मन से रहो सकार। बनकर रहें सुपात्र,अवगुण न लेश मात्र कर्तव्य हो सुसभ्य,बनना नहीं असभ्य। गीता करे बखान,संतति बने महान।। नरेन्द्र सिंह, गया
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