🙏
तमन्ना थी तेरी, मुझको छोड़ कर जाने की और हम इतने भी बे-हयात नहीं, जो तुम्हारी ख्वाहिश मुकम्मल ना कर सकें
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
तमन्ना थी तेरी, मुझको छोड़ कर जाने की और हम इतने भी बे-हयात नहीं, जो तुम्हारी ख्वाहिश मुकम्मल ना कर सकें
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets