हिम्मत बाकी नहीं !
मुकाम भी नहीं मिला , ख्वाब अधूरे छोड़ नहीं सकता , माफ करना मुझे , अब और मैं दौड़ नहीं सकता महंगे तोफे बाटे हैं सब में, कभी खुशियों की क़ीमत आंकी नहीं , लेकिन, जीत भी नहीं पाया , और हिम्मत भी बाकी नहीं !
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