शायरी
सीरत मानो उसकी हो खुश्बू उसकी जैसी होकर भी वो न हो मेरा बच्चा मेरे हमसफ़र जैसा हो जब वो मुस्कुराये तो मानो हसी मेरे हमसफ़र की ही हो
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