🌸 मधुर मिलन गीत 🌸
मधुर मिलन के आस में व्याकुल, निज नयनों की प्यास में व्याकुल व्याकुल हूँ पाने को तुमको, व्याकुल हूँ छूने को तुमको व्याकुलता ये मिट जाएगी — जब सम्मुख तुम आओगी बन जाऊँगा बच्चा-सा मैं, जब मुझको गले से लगाओगी ॥१॥ मंद-मंद चलती पवन में, बस नाम तुम्हारा गूँज रहा चाँद-सितारे मौन खड़े हैं, मन तुमको ही पूज रहा इन सपनों की सेज सजी है, अरमानों के फूल खिले धड़कन ने भी राग सुनाया — तुम बिन कुछ ना दिल बोले ॥२॥ आओ कि श्वास रुक जाए, ये धड़कन भी थम जाए तुम्हारी बाहों की ऊष्मा में, जीवन का रस रम जाए जब अधरों पर हँसी खिलाओ, मौसम सब हरषा जाए तेरे पग जब दिल पर पड़ें — मंदिर दीप जल जाएँ ॥३॥ मधुर मिलन का क्षण ये ऐसा, जग की सीमा लाँघ सके तुम मुझमें यूँ घुल जाओ जैसे सुर संग रंग सध सके ना कोई वचन, ना कोई भाषा, बस आँखों की बात रहे तुम ही गीत, तुम ही मधुबन, हम मात्र तुम्हारे प्राण बने ॥४॥
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