हमारी एन सीसी
ना लागो मोहे मन, जाने की उस जगह ना लागो मोहे मन, जाने की उसे जगह मिलती है हंसी दो पल की भले ही रोना पड़े कभी-कभी _____एक जगह ऐसा भी कुछ है वहां के प्रमुख जो हम पर राज करते हैं, हम पर जो चाहे कह ने की वह अनुमति प्राप्त करते हैं | पहले दिन गई बुरी तरीके से पता नहीं दूसरे दिन पर क्यों तरस खाए हैं, अब तो तीसरे दिन की इंतजार है हम भी करेंगे किसी पर राज, बता रहे हैं | ऐसा ना है कि सिर्फ शासन होए, पढ़ाते हैं कभी-कभी तो खुद से पढ़ने को भी बोले । हुआ कुछ तो खुद पर जिम्मेदारी लेते हैं खुद को हमारी माई-बाप कहते हैं | कभी लागे परिवार है तो लागे कभी गुलामी , परिबार तो सबको पसंद है लेकिन हमें गुलामी पसंद आने लगी |
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