उड़ान
जब उड़ो तो पंखों को अपने फैला के उड़ना रोकने वालों को हरा के उड़ना ।। आकाश को अपना बना के उड़ना हवाओं से दोस्ती निभा के उड़ना ।। एक बात खुद को समझा के उड़ना रूकना नहीं है थक सकता हूं पर झुकना नहीं है ।। बस इतनी सी बात मन में बिठा के उड़ना है।। खुले आसमां में , हौसलों से अपने पंखों को फैला कर उड़ना है ।।
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