प्रथम - पत्र
देने को ये प्रेम तनय सुन तुझसे मैं ना मिलने आ पाऊँगी । ना ही तुझको मैं गले लगाकर बेटा कह मैं पाऊँगी। । मेरे आशीष की ये लड़िया हम दोनों को समझाएगी । तू सदा खुशियों के झूले झूले मैं हर-पल यही मनाऊॅगी ।। यशस्वीमान हो जीवन तेरा ये जीवन आयुष्मान बनें । तुझपर सदा बड़ों का साया हरदम तुझको ये मान मिले।। मेरे जीवन का पल दे ईश्वर तुझे दे आशिर्वाद मिले। मैं हर-पल तुझको चाहूँगी मैं हर-पल यही मनाऊॅगी। । जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर बहुत सारा प्यारा और आशीर्वाद। ।
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