हो गए..
लहरों से लड़कर, देखो कैसे पार हो गए जमीं से जो उठे, तो परिंदो की उड़ान हो गए मेहफिल है ये कुछ कर गुजरने वालों की अंधेरे में जो निकले, देखो ये चमकदार हो गए और तूफ़ान जो टकराया, तो हमभी पहाड़ हो गए म्यान जो निकले, तो हमभी तलवार हो गए कुछ बात अलग है हम हौसलेवालों की जो ठोकर लगी, तोह संभलकर तैयार हो गए..
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