हमारी लुप्त संस्कृति ।
*बच्चों में बचपन* जवानी में यौवन शीशों में दर्पण जीवन में सावन गाँव में अखाड़ा शहर में सिंघाड़ा टेबल की जगह पहाड़ा और पायजामे में नाड़ा *ढूँढते रह जाओगे* चूड़ी भरी कलाई शादी में शहनाई आँखों में पानी दादी की कहानी प्यार के दो पल नल नल में जल तराजू में बट्टा और लड़कियों का दुपट्टा *ढूँढते रह जाओगे* गाता हुआ गाँव बरगद की छाँव किसान का हल मेहनत का फल चहकता हुआ पनघट लम्बा लम्बा घूँघट लज्जा से थरथराते होंठ और पहलवान का लंगोट *ढूँढते रह जाओगे* आपस में प्यार भरा पूरा परिवार नेता ईमानदार दो रुपये उधार सड़क किनारे प्याऊ संबोधन में चाचा ताऊ परोपकारी बंदे और अरथी को कंधे *ढूँढते रह जाओगे।*
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