सबको जगाने वाला सो नहीं सकता
सबको जगाने वाला सो नहीं सकता, सबको हंसाने वाला रो नहीं सकता। भला कैसे कह दूँ, मैं उस इन्सान को, जो वह है नहीं, वह हो नहीं सकता ।। हालात जो आज है, वो कल नहीं होगा, मसला उलझाने से कोई हल नहीं होगा। हिम्मत हारने से अब कुछ नहीं हासिल, हौसला हो तो कुछ मुश्किल नहीं होगा।। मैं कैसे हो गया हूँ, ये सुनकर हंसी आयी, मैं फिर सो गया हूँ, ये सुनकर हंसी आयी। मुझको जगाने वाले कहाँ हो ऐ मेरे दोस्त! मैं ढूँढ़ रहा हूँ तुम्हें ये सुनकर हंसी आयी || अब आप तो आप ही हैं, आपकी क्या बात है! अब आपसे ज्यादा मधुर, आपके जज्बात हैं। इस तरह खामोश होना-आपको जंचता नहीं, बात हो-जाहिर भी हो कि प्रेम है-मुलाकात है।। अब आपकी बात है तो आप कुछ भी कहें, अब आपको अधिकार है, आप कुछ भी कहें। कहने को तो दुनिया है, ये कहती ही रहती है, मगर आप लाजवाब हैं, आप कुछ भी कहें।।
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