समझ के परे
एक बार फिर उनकी बातों में उलझकर हार गए हम। फिसल गई जुबान और कर गए प्यार का इजहार। दिल टूटने की आवाज अभी भी कानों में गूंज रही और आंखों के सामने काला बादल छाया हुआ। पर इस इश्क के आगे कहा किसी का बस चलता। ये बस नचवाता है और हम खुशी से अपने आप को इसके हवाले कर देते।
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