यकीन है तुम पर
दुनिया जो चाहे कहे, पर मुझे यक़ीन है— तुम कर दिखाओगे हर वो सपना, जो दिल में लिए चलते हो। मैं बनना चाहती हूँ तुम्हारी ताकत, कभी बोझ नहीं, हिम्मत की वो लौ, जो अँधेरों में भी बुझती नहीं। बस खुद को टूटने मत देना, गिरना हो तो गिर जाना, मगर हर बार उठकर, और भी मज़बूत हो जाना। हर मोड़ पर, हर कदम पर, तुम्हारे साथ खड़ी हूँ मैं— साया बनकर, दुआ बनकर, तुम्हारी हर जीत में शामिल रहने को। तुम चलो बस अपने रास्ते पर, मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ।
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