बेचैन मन
कभी कभी सोचती हूं कि जो एक इंसान की ख्वाहिश होती है वो सब कुछ है मेरे पास फिर क्यूं रोज सुबह स्कूटी स्टार्ट करते वक्त आंखे नम हो जाती हैं और दिल पूरे रास्ते सड़कों के उतार चढ़ाव की तरह हिलोरें मारता है ।काफी सोचने के बाद ये समझ आता है कि एक प्यारा परिवार, हर पल मुस्कुराने वाली प्यारी सी बेटी और जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए नौकरी होने के बाद भी जो ये दिल हिलोरें मारता है वो एक मां का दिल है जिसे दिनभर के लिए अपने अपने बच्चे को किसी और के पास छोड़कर जाना पड़ता है। और दिन इसी दिल और दिमाग की लड़ाई में बीत जाता है। अंततः जीत दिमाग की ही होती है जो एक के बाद एक तर्क देकर दिल को समझा लेता है कि भले तुम अपने बच्चे से दूर हो पर वो उन लोगों के पास है जो उसे बिल्कुल तुम्हारी तरह प्यार करते हैं और बिल्कुल तुम्हारी ही तरह ख्याल भी रखते हैं। एक शुक्रिया तो उन लोगों के लिए भी बनता है।।।।।। शुक्रिया ❤️💜🧡💛💜❤️
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