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जब भी लगे तन्हा हो तुम,, तो दिल पर हाथ रख अपने तुम, थोड़ा मुस्कुरा देना,, ; कामयाबी मे अपनी तुम,, खुद ही पीठ थपथपा लेना, ; हो जाओ गर मायूस कभी तुम,, तो खुद ही खुद को गुदगुदा लेना,, ; रोना आ जाए, कभी गर तो,, खुद को तुम तसल्ली देना, ; जब भी लगे कमजोर हो तुम, खुद को तुम सहारा देना, ; हो मँझधार मे जीवन गर तो,, खुद ही तुम किनारा देना,, ;; खोने लगो हौसला जब कभी तुम,, तब खुद पर तुम भरोसा रखना,, कोई रहे या न रहे साथ तुम्हारे,, तुम बस अपना हाथ थामे रखना,, तुम खुद ही अकेले काफी हो,, ये बात हमेंशा याद रखना,,!!
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