ज़िन्दगी का आईना
आईना जब टूटा तो चेहरा बिखर गया... सपनों का हर टुकड़ा खंजर सा उतर गया...😔😔 जो खुद को पहचानता था उसमें हर रोज़...😔 अब अजनबी सा अक्स ही नज़र आया हर रोज़... ना वो आईना जुड़ा... ना शक्ल पुरानी रही... टूटे हुए आईने में अब बस कहानी रही...🥺😔
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