आशाओं का पंछी
*आशाओं का पंछी* आशाओं के पंछी को, भरने दो ऊंची उड़ान स्वतन्त्र होकर इसे, छूने दो खुला आसमान अगर नीड़ में बैठे रहना, इसने किया मंजूर आत्म विश्वास खोयेगा, लक्ष्य भी रहेगा दूर सीख लेगा उड़ना, भले थोड़ा सा घबराएगा एक दिन ये गगन को, चीरकर दिखलाएगा त्रुटि किये बिना वो, सीख नहीं कुछ पायेगा गर्व होगा स्वयं पर, यदि सफल हो जायेगा हिम्मत के पंखों की, दुर्बलता होगी समाप्त उड़ान भरने को जब, मेहनत करेगा पर्याप्त *ॐ शांति* *मुकेश कुमार मोदी, बीकानेर, राजस्थान* *मोबाइल नम्बर 9460641092*
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