तुम आस हो यूं ही कहीं पास हो।।
तुमसे है कुछ कहना जरा गौर से इन बातों को सुनना; तुम आस हो यूं ही कहीं पास हो, तुम प्रीत हो मन मीत हो दिल में उठती संगीत हो। तुम सांसों की तरंग हो जीवन में घुलता रंग हो। तुम साथ हो मेरे पास हो एक एहसास हो दिल की अरदास हो। तुम मेरे बगिया का इक फूल हो गुलाब हो या हो चमेली महक उठने वाला ही शबाब हो। तुम इश्क हो तुम साज हो कंठ से निकलती इक राग हो। तुम जान हो तुम प्राण हो तुम इबादत हो तुम सहालग हो धड़कते दिल की आवाज हो। तुम इच्छा हो कि अभिक्षा हो याद है न! तुम आज भी मेरी मुकम्मल जिंदगी का एक हिस्सा हो।।
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