तेरे नखरे
तेरे नखरों का तो कोई हिसाब ही नहीं, हर अदा तेरी दिल को बेक़रार कर देती है। कभी ग़ुस्से में तू शहज़ादी लगती है, तो कभी रूठकर भी और प्यारी लगती है। सच कहूँ, इन नखरों पर ही तो मेरी जान कुर्बान है, क्योंकि तेरे हर अदा में मेरा इश्क़ बयां है। ❤❤
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