क्या याद करोगी
ये नींद आखिरी हुई तो क्या करोगी ये रात आखिरी हुई तो क्या करोगी तेरे अंदर अगर दफ्न है प्यार, हटा मिट्टी बता एक बार तेरा वो चाहना याद आता है तेरा मेरे लिए लड़ना याद आता है। अब चलता हु दे कर दुआ तुझे बुला , अगर है सच्चा प्यार मुझसे तुझे सुनना अपने दिल की बात दबाना मत मेरी हर बात । तेरे बुलावे का है इंतजार मुझे चलता हु आखिरी बार देखकर तुझे ये रात आखिरी हुई तो क्या करोगी चलता हु क्या दुआओं में याद करोगी?
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