दो बिछड़े दिलो का मिलन।
बनाकर अपने दिल में आशियाना तेरा, तुझको अपना किरायेदार बना लिया। समझता था तेरी दिल की धड़कन को, इसी खातिर तुमको मैंने अपना प्यार बना लिया।। मै तकदीर तेरी हूं तू तकदीरे सिर ताज मेरा है, दुनिया ये ज़ुल्मी रांझा तेरा मै तू हीर मेरी है। बसाकर शहर ख्वाबों का , तुझे सजदा सलाम करूंगा। मेरी जिंदगी की जमीं, तेरी जिंदगी के नाम करुंगा।। (शायर) चौहान साहब अयोध्या वाले मो 9369125898
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