आंसू
हां उसने अब रोना छोड़ दिया है, हां उसने अब रोना छोड़ दिया है आंसू अब सुख गए हैं उसके मानो अब गिड़गिड़ाना छोड़ दिया है, अश्कों को अब बड़े विफाजत से रखती है संभाल कर अब उसने आंसू पीना सिख लिया है। भिगाया करती थी कभी पलकों को अपनी अब उसने आंखे लाल करना छोड़ दिया है। कभी किसी की हां किसी की ना के फेर में उसने अब रातों को तकिए भिगोना छोड़ दिया है। हां उसने अब रोना छोड़ दिया है।💔
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