रौशन
रौशन ======================= रौशन जिंदगी असैही नही होती, माॅंबाप की बाते हवा नही, दिलोदीमाग मे ऊतारनी होती है. विदेशी डिग्री और टायटॅनिक का हाल, आप तो जानते हो, ऊसे अलग से मै बया क्या करु, ऊन का ये घ़मंडही ऊनको ले डुबा, क्या ये आप जानते नही. सलाह असै दो जो ऊनका का घर बस शके, काना फुसीकी बाते कर के ऊसे तुम!, बरबाद........., क्यु करते हो. खेल ऊनाही खेलो जीसे तुम जानते हो, दुसरोके बारे मे सोच कर क्यु, तुम परेशान होते हो. रौशनी के लिये पुरी रात भर ई़तंजार करो, तब तो सुबह की रोशनी आयगी. और जिंदगी रौशन करनी होतो, ये ऊलजलुल की हरकते छोड के, सच्चाई की राह पकडनी होगी....., सच्चाई की राह पकडनी होगी.
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