टूटता हुआ तारा
काश ! एक टूटता हुआ तारा मुझे मिल जाए, तो....मैं अपने ग़मों को उससे साझा करूँ, उससे कह सकूं, दर्द अपना, उससे बाँट सकूं, अपनी तन्हाई को, और ख़ुल कर रो सकूं....उसके सामने, काश! एक टूटता हुआ तारा मुझे मिल जाए, तो....मैं माँगू उससे जीवन के बदले मुक्ति.... इस चराचर जगत की झूठी शान के विरुद्ध, अपनी सच्चाई और ईमानदारी की कीमत, मैं मांग सकूं उससे, मोक्ष की भीख, शायद मेरे आँसुओं को देखकर, वो दे दे मुझे.... काश! एक टूटता हुआ तारा मुझे मिल जाए.....
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