अजीब सी लाइफ
सब कुछ है जिंदगी में, बस बोर होता जा रहा हूं कुछ नहीं बस ड्यूटी करता हूं खा लेता हूं सो जाता हूं कोई टेंशन नहीं अच्छी वाइफ है अच्छी लाइफ है न हीं दिमाग पर कोई बोझ है फिर भी इस अजनबी शहर में बोर हो जाता हूं कुछ नहीं बस ड्यूटी करता हूं खा लेता हूं सो जाता हूं सारा दिन आराम करने से बोर होने के साथ-साथ मोटा होता जा रहा हूं और कुछ नहीं कर पाता हूं कुछ नहीं बस ड्यूटी करता हूं खा लेता हूं सो जाता हूं कितनी अजीब सी जिंदगी हो गई है नहीं आनंद ले पाता हूं इस अजनबी जिंदगी में परिवार और रविंद्र से बात करके खुश हो जाता हूं कुछ नहीं बस ड्यूटी करता हूं खा लेता हूं सो जाता हूं
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