जनुन
जुनुन ======================== बहोत सारे लोगो ने, ईतीहास हामारा दबाना चाहा, तो केसीने डरा धमकाकर, पिछे हटने को मजबुर कीया. लेकीन आदीम भील जातीका, जुनुन कुछ अलग ही है. एकलव्य ने तो, कपटी गुरु द्रोणाचार्य को, देके अंगठा दान मे....., वीचारोसे द्रोणाचार्य को क्या चिल्लर किया. शक्ती और भक्ती की परीक्ष मे, हमारी माता शबरी भी क्या खुब है, औतार विष्णु एकपत्नीत्व राम भी, झुटे बेर खाने शबरी के....., भक्तिरस मे डुबा यहा मजबुर है. ईतीहास शिव पुराण का लेलो, भिल कि गाथा का क्या कमाल है, चाहे ईतीहास अभी का लेलो, हमारे तंटया मामा क्या कमाल है. जुनुन क्या होता है हम, भील जातीसे सीखो...., भील जाती से सीखो. ==============
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