आओ ना
हाय मेरा दिल जो अब भी वहीं । क्या तू भी मुझको भूला नहीं ? हां वो मैं ठीक हूं बस मुझको मैं याद नहीं । एक तन्हा मौत के घाट मै हर रोज़ मरती रही । तुम मुझको जगाओ ना मैं सुबह ओ शाम खोई कहीं । आती जाती हर सांस सिर्फ तुम कहती रही । अब तो कहीं से आओ ना हो तुम वही , बदली मै भी नहीं ।।।।। दीपज्योति
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