एक पैगाम, मां के नाम
जो ममता की मूरत है , और प्यारी सी जिसकी सूरत है , सूझ - बूझ की जो है खान , आशीर्वाद का है एक पूरा आसमान । जिनकी आंखों में बस हमारी खुशी के ख्वाब हैं । जिनके हृदय में ईश्वर का वास है । जिनके चरणों में बसते हैं चारों धाम , उस मां को कोटि कोटि प्रणाम ।। जिन्होंने मुझे अपनी पूरी दुनिया दे दी , क्या कहूं उन्हें मैं , मां के सिवा । क्या मांगू उनसे और , आशीर्वाद के सिवा । हाथ सदा रखें वो प्यार से मेरे सिर पर , क्या मांगू और मैं , इस दुआ के सिवा । बस इतना कह सकती हूं..... तेरा स्थान प्रभु से भी ऊंचा , तेरी वाणी है अमृत समान । हे ! जननी तुझे कोटि कोटि प्रणाम ll हे ! जननी तुझे कोटि कोटि प्रणाम ll
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