अभिशप्त
शाप हिन लेकिन हूं अभिशप्त, कर देती हूं सबके जीवन का अंत। नागिन हूं डसने वाली, लोग कहते हैं भरसक साली। शांति कभी न दे पाई किसी को, मां को भी बचपन में हज़म किया है। जीवन बर्बाद करने के तरीके नये मेरे, अंतर्नाद ख्वाहिश हैं। बेइमान हैं मेरा नाम, खून मेरा हैं बदनाम। शाप हिन लेकिन हूं अभिशप्त, कर देती हूं सबके जीवन का अंत।।
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