दर्द क्या है ?
दर्द क्या है? दर्द नहीं है बेहोशी, दर्द हैं खामोशी। पर फिर भी दर्द नहीं है खामोशी, दर्द तों है खामोशी का कारण। दर्द नहीं है उदासी, दर्द तोहैं उदासी का कारण। दर्द नहीं है शरीर द्वारा दिया गया वार, दर्द तो है शब्दों द्वारा किया गया दुर्व्यवहार। दर्द नहीं है जो कुछ वक्त में मिट जाए, दर्द तो वो हैं जो हृदय में छप जाए। दर्द नहीं है जो लोग h देने आते, दर्द तो वो हैं जो देती है उनकी बातें। दर्द नहीं है दिन, दर्द तो है न बीतने वाली रातें। दर्द नहीं है आंसू, दर्द तो है वो शांत आंखें। दर्द नहीं है किसी भी तरह का ज़ख़्म, दर्द तो है कुछ नया सीखने का मरहम। क्या कोई मुस्कराते हुए भी दर्द में हो सकता है? क्या कोई आंसू के बिना भी रो सकता है? बस इन्हीं सवालों को सोच दिन बीता देती हूं। और कुछ ऐसे ही अपनी जिंदगी को जीता लेती हूं।
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