बटवारे की भाषा
सैकड़ों साल पुरानी एतिहासिक कहानी सुनाई जा रही भिन्न भिन्न जुबान में। दिल से बात उभरकर तोह आ रही एक ही फिर न जाने क्यों घमंड है अलग होने का। यह कैसी संचार की एकता है जिसने बगल में बैठे हुए को पराया कर दिया।
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