वक्त
वक्त भी हम पर सकत हुआ जा रहा है कितने अकेले है ये याद दिला रहा है जब खुद में खुश थे वो बचपन याद दिला रहा है ना जाने क्यूँ ये वक्त इतनी जल्दी दौड़ा जा रहा है हमसे हमारी मुस्कान लिए जा रहा है। ना जाने क्यों ये वक्त हम पर सकत हुआ जा रहा है। ।
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