--- गढ़वाल मा बगवाल ---
ध्याणी एगे होली आज, बगवालयो तै मैत मा। सोनपापड़ी जरुर तेकी, धरी होली बैग मा । बोड़ा चाचा गौ का भेजी, मस्त होला पैग मा। छोटा छोटा होला खुजोना, पैसा भीतर रैक मा। कखी होली पकौड़ी बनी, दूधे खीर हलवा होलू। रात मा मंडाण लगलू, डीजे मा भी जलवा होलु । खिल बताशा बाटण लगया, चौतरफी पटाखा फुटन लगया। घरया चोलो की खीर खातिर, मां जी उरख्याला कूटन लग्या। फोड़ला तुम पटाका त, ज्यादा हीरोपंती नि कन। एक जगह बम फोड़यान, उत्पाद सगती नि कन । जू भी करया मिची पर, खेल खेलया प्यार पर । रॉकेट ते जगोला तुम, पर आग न लगाया न्यार पर । खातिरदारी कन छो जानू, भेजी की आई च सयाली। आप सब्यु ते हाथ जोड़ी, प्यारी प्यारी, हैप्पी बगवाल।
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