ज़िंदगी से एक बात ज़िंदगी...
ज़िंदगी से एक बात ज़िंदगी कहती है मुझसे, “थोड़ा रुक, खुद को पहचान, भीड़ के पीछे भागते-भागते, खो न देना अपनी पहचान। तुम्हारे दिल की सुनो आवाज़, चलो साथ अपने दिल के राज़, बदलो वो आदतें कुछ ऐसी, जो करें तेरे दिल को खुशहाल। अब खुद से प्यार करना सीख, खुद की खुशी में खो जाना, क्योंकि जो चलता है अपने साथ, वही सच्चा है ज़िंदगी का रास्ता।”
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