रंजिसे
"रंजिसे मुझे भी है, मगर प्यार उससे ज्यादा है। कतल तूने किया चाहतों का, मगर गुन्हेगार हम ज्यादा है। यूं तो नफरत है मुझे भी मगर इश्क उससे ज्यादा है। पागल पन में मै हूँ या मुझे पागलपन है , पागल पन में मै हूँ या मुझे पागलपन है। खैर अब तो अकेलापन, बेरुखी, खामोशी, इंतज़ार ज्यादा है।"
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