अंदाज
अ़ंदाज ===================== अंदाज यहा सब का मीराला है, कोई पढलीखकर भी बेकार है, तो कोई बीन डीग्री ही....., हर चीज का कारागीर है। कोई खेल गेलने मे माहीर यहा, तो कोई खीलोना बनकर भी, यहा सदा खुष है। वफादार होना तो एक सरल बात है, यहा गद्दारो की चर्चा भी सरे आम है, यहा मुजोर तो क्या कमाल है, सीदा होना तो एक आम बात है। सच्च ई यहा खरेदी या दबाई जाती है, पर कुट नीती यहा खुब काम आती है, यहा समजदार को ईशारा काॅफी है, बेईमानोको सब माफी है। यहा सबके अंदाज नीराले है, यहा मेहनत करने वाला, भुका है....., तो नंबर दो मे जीने वालो का, पेट भारी है, पेट भारी है। ===================
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