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जीवन देता तू, बदले कुछ ना लेता तू, कद्र ना है तेरी, क्योंकि इतना भोला है तू। सुंदरता तेरी, डूब जाता जिसमें मन, छांव में तेरी, थकान दूर होती, शांति का एक मार्ग है तू, क्योंकि सदैव पॉजिटिव रहता तू। पेट तू ही भरता, आमदनी तू ही बढ़ाता, तेरी गोद में खेलते-बढ़ते, तुझमें ही समा जाते। दवा तुझसे ही बनती, मानो हर जगह काम तू ही करती, बीमारी से तू ही लड़ती, immunity,energy तू ही बढ़ाती।।
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