ईमानदारी और नंगा पांव
सरकार के फरमान है,परीक्षार्थी करे सब पालन: नंगे पांव आना है, पावन विद्या मंदिर के आंगन। जूता मौजा पहन,नहीं कोई आएगा परीक्षा हॉल; जूता मौजा ही है ,चोरी व नकल का बड़ा झोल। बड़े ऑफिसों में देखें, साहब आते पहन के जूते; समझे घूसखोरी करते हैं ,इसी पैर ढंकने के बूते। जिन्हें कहीं भी देखिए,जो रहते हैं चप्पल पहन; इन्हें ईमानदार समझिए,विचार न कीजिये गहन। गांधी जी को देखिए ,जो थे बहुत ही ईमानदार; बिना जूता-मौजे के,ये घूम आये थे सारा संसार। नरेंद्र सिंह 14.02.2024
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